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भवाली दुष्कर्म प्रकरण में नया मोड़: पहली शिकायतकर्ता युवती को जमानत, पुलिस रिमांड अर्जी खारिज

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By Pahadnews24
July 11, 2026 • 1 min read
भवाली दुष्कर्म प्रकरण में नया मोड़: पहली शिकायतकर्ता युवती को जमानत, पुलिस रिमांड अर्जी खारिज
भवाली दुष्कर्म प्रकरण में नया मोड़: पहली शिकायतकर्ता युवती को जमानत, पुलिस रिमांड अर्जी खारिज (Photo: Pahad News)

नैनीताल: भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे से जुड़े चर्चित दुष्कर्म मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। जिस युवती की शिकायत पर नरेश पांडे के खिलाफ यौन शोषण समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था, उसी युवती को पुलिस ने मामले में आरोपी बनाते हुए जिला न्यायालय में पेश किया। हालांकि अदालत ने पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज करते हुए युवती को 30 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।

 

पुलिस ने युवती से मल्लीताल कोतवाली में करीब 12 घंटे तक पूछताछ की और मेडिकल परीक्षण के बाद उसे न्यायालय में पेश किया। जांच के लिए पुलिस ने रिमांड की मांग की, लेकिन अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर इसे स्वीकार नहीं किया।

 

सुनवाई के दौरान अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस धारा की परिभाषा पुरुष द्वारा किए गए कृत्य के संदर्भ में है। साथ ही अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के सत्येंद्र कुमार अंतिल फैसले का हवाला देते हुए कहा कि सात वर्ष तक की सजा वाले मामलों में गिरफ्तारी अंतिम विकल्प होनी चाहिए और बिना पर्याप्त कारण किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए।

 

अदालत ने यह भी माना कि युवती स्थानीय निवासी है और जांच में सहयोग न करने जैसी कोई स्थिति पुलिस की ओर से नहीं बताई गई। इन तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज कर दी और युवती को 30 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।

 

पुलिस का पक्ष

पुलिस का आरोप है कि संबंधित युवती ने नरेश पांडे के साथ मिलकर अन्य महिलाओं को उनके संपर्क में लाने और उनके साथ शारीरिक संबंध स्थापित कराने में भूमिका निभाई। पुलिस ने इन्हीं आरोपों के आधार पर उसे आरोपी बनाया है।

 

शिकायतकर्ता पक्ष का दावा

युवती के अधिवक्ता का कहना है कि उनकी मुवक्किल इस मामले की पहली शिकायतकर्ता और कथित पीड़िता है। उनका आरोप है कि एक अन्य महिला के बयान के आधार पर उसे आरोपी बनाया गया, जबकि पुलिस अदालत में उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी।

 

मामला क्या है?

इस मामले की शुरुआत तब हुई थी जब नैनीताल के एक शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाली छात्रा ने भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे पर यौन शोषण, दबाव बनाकर गर्भपात कराने, धमकी देने और अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। नरेश पांडे की अग्रिम जमानत याचिकाएं जिला न्यायालय और उत्तराखंड हाईकोर्ट दोनों से खारिज हो चुकी हैं। बाद में एक अन्य युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

अब पहली शिकायतकर्ता युवती को आरोपी बनाए जाने, पुलिस रिमांड की मांग खारिज होने और अदालत से जमानत मिलने के बाद यह मामला नए कानूनी मोड़ पर पहुंच गया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस के आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।


 

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