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भावना चुफाल ने उठाई अपने क्षेत्र की आवाज, 9 साल से नहीं बन पाया बागेश्वर-पिथौरागढ़ को जोड़ने वाला झूला पुल

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By Pahadnews24
July 8, 2026 • 1 min read
भावना चुफाल ने उठाई अपने क्षेत्र की आवाज, 9 साल से नहीं बन पाया बागेश्वर-पिथौरागढ़ को जोड़ने वाला झूला पुल
भावना चुफाल ने उठाई अपने क्षेत्र की आवाज, 9 साल से नहीं बन पाया बागेश्वर-पिथौरागढ़ को जोड़ने वाला झूला पुल (Photo: Pahad News)

सोशल मीडिया पर इन दिनों अपने-अपने क्षेत्रों की जनसमस्याओं को उठाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कल्पना रावत और पिंकी गुंसाई के बाद अब पिथौरागढ़ की अभिनेत्री एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भावना चुफाल ने भी अपने क्षेत्र की एक लंबे समय से लंबित समस्या को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष सोशल मीडिया के माध्यम से उठाया है।

 

भावना चुफाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री को टैग कर लिखा कि बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले को जोड़ने वाला भकुना के पास स्थित झूला पुल पिछले 9 वर्षों से नहीं बन पाया है। उन्होंने कहा कि पुल बह जाने के बाद से आज तक उसका पुनर्निर्माण नहीं हो सका, जिसके कारण स्थानीय लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अपने पोस्ट में भावना ने बताया कि फिलहाल ग्रामीण एक ट्रॉली के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि ट्रॉली में न तो ग्रीस लगाया गया है और न ही रस्सियों का उचित रखरखाव किया गया है। लोहे की रस्सियों में जंग लग चुकी है, जिससे नदी पार करना बेहद कठिन और जोखिम भरा हो गया है।

 

उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र के लोगों को राशन, दवाइयां, पीने का पानी तथा अन्य दैनिक जरूरत का सामान नाचनी बाजार से इसी ट्रॉली के माध्यम से लाना पड़ता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को हर दिन इसी असुरक्षित व्यवस्था के सहारे आवाजाही करनी पड़ रही है।

 

स्थानीय लोगों का दावा है कि पुल के अभाव में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं, कुछ ग्रामीणों का यह भी दावा है कि इस समस्या के कारण दो लोगों की जान भी जा चुकी है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। इनमें से कुछ मामलों में मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई, जिसके बाद संबंधित कार्यों पर कार्रवाई शुरू होने के दावे किए गए।

अब भावना चुफाल द्वारा उठाए गए इस मुद्दे के बाद लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री धामी और उनकी सरकार इस लंबे समय से लंबित जनसमस्या पर कितना शीघ्र और प्रभावी कदम उठाती है।


 

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