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चंपावत दुष्कर्म प्रकरण में बड़ा खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता और महिला मित्र गिरफ्तार

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By Pahadnews24
May 8, 2026 • 1 min read
चंपावत दुष्कर्म प्रकरण में बड़ा खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता और महिला मित्र गिरफ्तार
चंपावत दुष्कर्म प्रकरण में बड़ा खुलासा, मुख्य साजिशकर्ता और महिला मित्र गिरफ्तार (Photo: Pahad News)

उत्तराखंड के चंपावत में चर्चित कथित नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। चंपावत पुलिस ने मामले को सुनियोजित साजिश बताते हुए मुख्य साजिशकर्ता कमल सिंह रावत और उसकी महिला मित्र अर्जिता राय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


 

पुलिस के अनुसार 6 मई 2026 को वादी द्वारा कोतवाली चंपावत में तहरीर देकर आरोप लगाया गया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग पुत्री के साथ तीन लोगों ने दुष्कर्म किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी चंपावत के पर्यवेक्षण में 10 सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन किया गया और जांच शुरू की गई।


 

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए, मेडिकल परीक्षण कराया तथा पीड़िता के बयान दर्ज कराए। पुलिस जांच में यह सामने आया कि घटना की तारीख पर कमल रावत, पीड़िता और उसकी महिला मित्र के बीच लगातार संपर्क था, जो मामले में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ।


 

पुलिस के मुताबिक न्यायालय में पीड़िता ने अपने साथ किसी भी प्रकार की घटना से इनकार करते हुए पूरे मामले को मनगढ़ंत और साजिश बताया। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर नामजद आरोपियों की घटनास्थल पर मौजूदगी भी नहीं पाई गई।


 

विवेचना में यह निष्कर्ष सामने आया कि कमल सिंह रावत ने अपनी महिला मित्र अर्जिता राय के साथ मिलकर बदले की भावना से प्रेरित होकर कथित षड़यंत्र रचा था। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटनास्थल पर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया और न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।


 

मामले की विवेचना पूर्व चौकी प्रभारी रहे उपनिरीक्षक राजेश जोशी को सौंपी गई है।


 

चंपावत पुलिस ने आमजन और मीडिया से अपील की है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केवल सत्यापित तथ्यों का ही प्रसारण करें। पुलिस ने यह भी कहा कि पोक्सो अधिनियम के तहत नाबालिग की पहचान सार्वजनिक करना दंडनीय अपराध है।


 

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