IFS अधिकारी साकेत बडोला का स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का फैसला, भावुक संदेश में बयां किया अपना सफर
उत्तराखंड। भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी साकेत बडोला ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा कर अपने सेवाकाल के अनुभवों को याद किया और इस सफर में साथ देने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। पौड़ी जिले के एक साधारण परिवार से निकलकर भारतीय वन सेवा तक पहुंचने के अपने सफर को उन्होंने एक सपने के साकार होने जैसा बताया।
साकेत बडोला ने अपने संदेश में कहा कि कई महीनों तक गंभीर विचार-विमर्श करने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है। सेवाकाल के दौरान उन्हें जनसेवा के साथ-साथ प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण में योगदान देने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्होंने देश की जमीनी चुनौतियों को करीब से समझा और पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का प्रयास किया।
वनकर्मियों, सहयोगियों और परिवार के प्रति जताया आभार
अपने संदेश में बडोला ने विभिन्न सरकारों, सहकर्मियों, वन विभाग के कर्मियों, परिवार, मित्रों और आम जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने सेवाकाल में मिले सहयोग, स्नेह और समर्थन को महत्वपूर्ण बताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी उन्हें लोगों का ऐसा ही प्यार मिलता रहेगा।
सेवा से अलग होने के बाद भी राष्ट्र निर्माण में योगदान की इच्छा
साकेत बडोला ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के पीछे व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया है। हालांकि, उनके निर्णय के प्रभावी होने की तारीख और भविष्य की योजनाओं को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने अपने संदेश में राष्ट्र निर्माण में आगे भी योगदान देने की इच्छा व्यक्त की। अपने भावुक संदेश के अंत में उन्होंने कृतज्ञता के भाव के साथ ‘जय हिंद’ कहा।
साकेत बडोला के इस फैसले के बाद भारतीय वन सेवा में उनके सफर और भविष्य की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।