प्रत्यक्षदर्शी होने की कीमत? काशीपुर में युवक को रातभर पुलिस हिरासत में रखने का आरोप
काशीपुर। काशीपुर शुगर मिल के पास हुई मारपीट की एक घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि घटना के प्रत्यक्षदर्शी युवक अजय कुमार को पुलिसकर्मी रात करीब 10 बजे घटनास्थल से अपने साथ ले गए और उसे अलग-अलग पुलिस चौकियों में रखा गया। अजय का कहना है कि वह शुगर मिल के पास फास्ट फूड का ठेला लगाता है और 13 अगस्त की रात अपना ठेला बंद कर घर लौटने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसने दो पक्षों के बीच मारपीट होते देखी। उसके अनुसार, कुछ पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उसे घटना का चश्मदीद गवाह होने के कारण अपने साथ ले गए। अजय का आरोप है कि पुलिस हिरासत के दौरान उसके साथ मारपीट और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा उसके निजी अंग पर भी हमला किया गया। परिजनों का कहना है कि रातभर उन्हें यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि अजय को कहां रखा गया है। सुबह कई बार पूछताछ के बाद उन्हें बताया गया कि अजय को दूसरी पुलिस चौकी में रखा गया है और बयान लेने के बाद उसे छोड़ दिया जाएगा। अजय के मुताबिक उसे 13 अगस्त की रात करीब 10 बजे ले जाया गया और अगले दिन दोपहर लगभग 1 बजे बजे छोड़ा गया। यानी करीब 15 घंटे तक वह पुलिस के पास रहा। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि यदि अजय केवल घटना का प्रत्यक्षदर्शी था और उसके बयान की आवश्यकता थी, तो उसे इतनी लंबी अवधि तक अलग-अलग चौकियों में क्यों रखा गया और उसके परिजनों को समय रहते उसकी स्थिति की जानकारी क्यों नहीं दी गई। हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। यदि युवक द्वारा लगाए गए मारपीट और निजी अंग पर हमला करने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला गंभीर हो सकता है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक होगी। मामले में अब पीड़ित पक्ष द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर पूरे घटनाक्रम की जांच कराने और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग किए जाने की संभावना है।