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मसूरी अस्पताल में एक साल के मासूम की मौत, डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप; जांच शुरू

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By Pahadnews24
July 1, 2026 • 1 min read
मसूरी अस्पताल में एक साल के मासूम की मौत, डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप; जांच शुरू
मसूरी अस्पताल में एक साल के मासूम की मौत, डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप; जांच शुरू (Photo: Pahad News)

मसूरी: मसूरी के उप जिला चिकित्सालय में करीब एक वर्ष के मासूम की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा खड़ा हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से इनकार करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतक बच्चे की मां का आरोप है कि सोमवार तड़के करीब पांच बजे वह बीमार बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन उस समय न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही तत्काल इलाज की व्यवस्था थी। उनका कहना है कि काफी देर बाद डॉक्टर और स्टाफ पहुंचे, लेकिन बच्चे का समुचित उपचार नहीं किया गया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि सुबह आठ बजे बच्चों के विशेषज्ञ डॉक्टर आएंगे। उनका कहना है कि समय पर इलाज मिलता तो बच्चे की जान बच सकती थी।

हालांकि, इस मामले में अब तक परिजनों की ओर से अस्पताल प्रशासन या पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।

उप जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. खजान सिंह चौहान ने लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच में ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ द्वारा बच्चे को तत्काल अटेंड करते हुए देखा गया है। उन्होंने बताया कि कुछ ही देर में डॉक्टर भी मौके पर पहुंचे, बच्चे की जांच की और आवश्यक दवाइयां लिखने के साथ सुबह विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी गई थी।

सीएमएस ने बताया कि प्रथम दृष्टया अस्पताल की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही सामने नहीं आई है, लेकिन पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरे मामले की जांच हेतु एक समिति गठित कर दी गई है। जांच में चिकित्सा रिकॉर्ड, ड्यूटी चार्ट और सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की जाएगी। यदि किसी डॉक्टर या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

मासूम की मौत के बाद मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिना तथ्यों के निष्कर्ष निकालने के बजाय निष्पक्ष जांच होने दी जानी चाहिए। अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे की मौत के पीछे चिकित्सा लापरवाही थी या नहीं।


 

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