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दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड: शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

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By Pahadnews24
June 10, 2026 • 1 min read
दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड: शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज
दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड: शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी पर उठे सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज (Photo: Pahad News)

नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में गिरफ्तार किए गए उत्तराखंड निवासी शेफ केशव नेगी को साकेत कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई है। हालांकि, मामले में अब कई सवाल उठने लगे हैं और केशव नेगी के समर्थन में आवाजें तेज हो रही हैं।


 

अदालत में बहस के दौरान केशव नेगी के वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को गलत तरीके से जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। वकील के अनुसार आग रसोई या किसी किचन उपकरण से नहीं बल्कि शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। उन्होंने कहा कि ब्लास्ट की आवाज सुनने के बाद केशव नेगी ने तुरंत होटल प्रबंधन को सूचना दी और सुपरवाइजर के साथ मिलकर फायर एक्सटिंग्विशर से आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन जब आग बेकाबू हो गई और धुआं तेजी से फैलने लगा, तब उन्हें अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकलना पड़ा। वकील का दावा है कि बाहर निकलने के बाद केशव नेगी बेहोश होकर गिर पड़े थे।


 

दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि खाना बनाते समय इलेक्ट्रिक स्टोव में ब्लास्ट हुआ था और उसके बाद पावर सप्लाई बंद कर दी गई, जिससे होटल के इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे बंद हो गए। पुलिस इसी आधार पर उनकी भूमिका की जांच कर रही है।


 

इस बीच होटल की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि जिस होटल को सीमित कमरों की अनुमति थी, वहां क्षमता से अधिक कमरे संचालित किए जा रहे थे। होटल में फायर सेफ्टी मानकों और आपातकालीन निकास व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस के अनुसार होटल के पास आवश्यक अग्निशमन स्वीकृतियां (NOC) भी नहीं थीं।


 

स्थानीय लोगों और परिचितों का कहना है कि केशव नेगी लंबे समय से होटल उद्योग में कार्यरत हैं और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में कई लोग मानते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसे के लिए वास्तविक जिम्मेदारी किसकी थी।


 

फिलहाल मामले की जांच जारी है और अदालत में दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क रख रहे हैं। अग्निकांड में हुई जनहानि के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान और जवाबदेही तय करना जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।


 

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