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उत्तराखंड में जंगल की आग का कहर… महिला समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत

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By Pahadnews24
May 21, 2026 • 1 min read
उत्तराखंड में जंगल की आग का कहर… महिला समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत
उत्तराखंड में जंगल की आग का कहर… महिला समेत दो लोगों की दर्दनाक मौत (Photo: Pahad News)

उत्तराखंड में जंगल की आग लगातार विकराल रूप लेती जा रही है और अब यह आग जानलेवा साबित होने लगी है। प्रदेश के कई जिलों में जंगल धधक रहे हैं, जबकि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच टिहरी गढ़वाल और चमोली जिले से दो दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें एक महिला और एक फायर वॉचर की मौत हो गई।


 

पहली घटना टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्तिनगर विकासखंड की ग्राम पंचायत पैंडुला की है। यहां 50 वर्षीय अंजू देवी जंगल में लगी आग बुझाने के दौरान उसकी चपेट में आ गईं। जानकारी के अनुसार, पूर्व प्रधान सुनय कुकसाल ने बताया कि अंजू देवी अपने घर से करीब 150 मीटर दूर जंगल की ओर फैल रही आग को बुझाने गई थीं। इसी दौरान आग ने अचानक विकराल रूप ले लिया और वह गंभीर रूप से झुलस गईं। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। परिजनों को घटना की जानकारी तब मिली जब वह देर रात तक घर वापस नहीं लौटीं।


 

वहीं दूसरी घटना चमोली जिले के बेड़ूबगढ़-बिरही क्षेत्र की है। यहां बदरीनाथ हाईवे के पास चीड़ के जंगल में लगी आग बुझाने के दौरान वन विभाग के फायर वॉचर राजेंद्र सिंह नेगी की मौत हो गई। पाखी जलगवाड़ गांव निवासी 42 वर्षीय राजेंद्र सिंह नेगी वन विभाग की 15 सदस्यीय टीम के साथ आग बुझाने के अभियान में जुटे हुए थे।


 

बताया गया कि देर शाम तक टीम ने आग पर काफी हद तक काबू पा लिया था, जिसके बाद सभी लोग लौट गए, लेकिन राजेंद्र सिंह नेगी लापता हो गए। देर रात तक खोजबीन जारी रही, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन सुबह शुरू हुए सर्च ऑपरेशन में उनका शव करीब 70 मीटर गहरी खाई में मिला, जो आग से बुरी तरह झुलसा हुआ था।


 

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आशंका है कि आग बुझाने के दौरान उनका पैर फिसल गया होगा, जिससे वह खाई में गिर गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।


 

प्रदेश में लगातार बढ़ रही जंगल की आग अब लोगों की जान लेने लगी है। ऐसे में वन विभाग और प्रशासन के सामने आग पर नियंत्रण के साथ-साथ स्थानीय लोगों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी बड़ी चुनौती बन गया है।


 

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