रामनगर में युवक से मारपीट का आरोप, ‘उत्तर प्रदेश सरकार’ लिखी कार में सवार लोगों पर गंभीर आरोप; यूकेडी नेता आयुष रावत ने जताया आक्रोश
रामनगर। नैनीताल जनपद के रामनगर क्षेत्र में एक स्थानीय युवक के साथ कथित मारपीट और अभद्रता की घटना सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार ग्राम गौला मल्ला, विकासखंड नैनीडांडा, जनपद पौड़ी गढ़वाल निवासी सूरज नेगी शनिवार शाम रामनगर से अपने घर लौट रहे थे। रिगौड़ा क्षेत्र में भारी जाम के कारण वह लगभग दो घंटे तक यातायात में फंसे रहे। इसी दौरान एक ब्लैक रंग की ओरा कार (वाहन संख्या UP12BV0202) द्वारा कथित रूप से गलत तरीके से ओवरटेक करने का प्रयास किया गया।
बताया गया है कि जब सूरज नेगी ने इसका विरोध किया तो वाहन चालक ने उनकी गाड़ी की चाबी निकालने का प्रयास किया। विरोध करने पर कथित रूप से चालक ने उनका गला पकड़ लिया। इसके बाद वाहन से 4-5 अन्य लोग भी नीचे उतर आए और हाथापाई की स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना में सूरज नेगी के गले पर चोट के निशान आने की बात भी सामने आई है, जिनकी तस्वीरें साझा की गई हैं।
पीड़ित का दावा है कि जिस वाहन में सवार लोगों ने उनके साथ अभद्रता और मारपीट की, उस वाहन पर “उत्तर प्रदेश सरकार” भी लिखा हुआ था। ऐसे में यह मामला और अधिक गंभीर हो जाता है तथा यह सवाल खड़ा करता है कि यदि सरकारी पहचान का उपयोग करने वाले वाहन में सवार लोग ही कानून हाथ में लेने लगें तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। स्थानीय लोगों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तराखंड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय मीडिया प्रभारी आयुष रावत ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में इस प्रकार की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि हाल ही में कर्णप्रयाग में स्थानीय युवाओं के साथ हुई तलवारबाजी की घटना को लेकर पूरे प्रदेश में रोष व्याप्त है और रामनगर की यह घटना भी प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
आयुष रावत ने कहा कि प्रदेश में अराजकता अपने चरम पर दिखाई दे रही है और आम नागरिक अपने ही क्षेत्र में स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वयं पीड़ित सूरज नेगी के साथ रामनगर कोतवाली पहुंचकर तहरीर देंगे तथा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करेंगे।
उन्होंने उत्तराखंड सरकार, उत्तराखंड पुलिस और स्थानीय प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने, वाहन पर लिखे “उत्तर प्रदेश सरकार” शब्दों की भी जांच करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उत्तराखंड क्रांति दल इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने के लिए बाध्य होगा।