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जनता के नहीं, धामी के सेवक निकले पाटी के नए निर्दलीय अध्यक्ष!

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By Pahadnews24
June 15, 2026 • 1 min read
जनता के नहीं, धामी के सेवक निकले पाटी के नए निर्दलीय अध्यक्ष!
जनता के नहीं, धामी के सेवक निकले पाटी के नए निर्दलीय अध्यक्ष! (Photo: Pahad News)

चंपावत। चंपावत जिले के पार्टी गांव नगर पंचायत चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी नारायण लाल ने जीत दर्ज कर अध्यक्ष पद हासिल किया है। हालांकि चुनाव जीतने के बाद उनके एक बयान ने क्षेत्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।


 

नारायण लाल ने जीत के बाद कहा कि वह लंबे समय से भाजपा के कार्यकर्ता रहे हैं और आगे भी भाजपा के साथ ही जुड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि टिकट नहीं मिलने के कारण उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया था।


 

उनके इस बयान के बाद स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि कोई प्रत्याशी किसी दल की विचारधारा से जुड़ा हुआ है तो उसे चुनाव के दौरान ही अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं कुछ मतदाताओं का मानना है कि उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी समझकर वोट दिया था और चुनाव जीतने के बाद किसी दल के प्रति खुला समर्थन जताना मतदाताओं की भावनाओं के विपरीत माना जा सकता है।


 

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि हाल के वर्षों में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जहां नेता टिकट न मिलने पर निर्दलीय या दूसरे दल से चुनाव लड़ते हैं और जीत के बाद अपनी पुरानी राजनीतिक पार्टी में वापसी कर लेते हैं। इससे मतदाताओं के बीच भ्रम और असंतोष की स्थिति पैदा होने की चर्चा भी होती रही है।


 

गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान उत्तराखंड के प्रसिद्ध गायक पवनदीप राजन भी नारायण लाल के समर्थन में नजर आए थे।


 

अब चुनाव परिणाम के बाद क्षेत्र में यह बहस तेज हो गई है कि क्या निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को पहले ही सार्वजनिक कर देना चाहिए, ताकि मतदाता पूरी जानकारी के आधार पर अपना निर्णय ले सकें।


 

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