पानी की टंकी पर चढ़े आयुर्वेद विश्वविद्यालय के छात्र, खौफनाक कदम उठाने की चेतावनी से मचा हड़कंप
देहरादून: उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय, हर्रावाला में सोमवार को छात्रों के आंदोलन के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब कई आक्रोशित छात्र कॉलेज परिसर में बनी पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गए। छात्रों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर खौफनाक कदम उठाने की चेतावनी दी, जिसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर बुलाया गया।
बताया जा रहा है कि BAMS के सैकड़ों छात्र विभिन्न मांगों को लेकर कॉलेज परिसर में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं करा रहा है। इसके अलावा पहले आयोजित हो चुकी परीक्षाओं के परिणाम भी कई महीनों से जारी नहीं किए गए हैं। छात्रों का कहना है कि इससे उनका शैक्षणिक सत्र लगातार पिछड़ रहा है और भविष्य पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
छात्रों के मुताबिक उनका शैक्षणिक सत्र करीब 6 से 8 महीने तक लेट हो चुका है। परीक्षा और रिजल्ट में देरी के कारण इंटर्नशिप और आगे की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। छात्रों का दावा है कि उन्होंने कई बार कुलपति और रजिस्ट्रार को लिखित ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिले और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सोमवार को छात्रों ने सबसे पहले विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर धरना शुरू किया। काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो कुछ छात्र आक्रोशित होकर पानी की टंकी पर चढ़ गए। सूचना मिलते ही डोईवाला कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाकर सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास शुरू किया।
बताया गया कि अंधेरा होने के बाद कुछ छात्र कथित तौर पर ज्वलनशील पदार्थ लेकर दोबारा टंकी पर चढ़ गए और खौफनाक कदम उठाने की चेतावनी देने लगे। इसके बाद पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम करीब दो घंटे तक टंकी के नीचे मौजूद रही और छात्रों से लगातार बातचीत कर उन्हें नीचे उतरने के लिए समझाती रही। सुरक्षा को देखते हुए फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
छात्र आंदोलन की जानकारी मिलने पर कांग्रेस नेता ज्योति रौतेला समेत कई अन्य कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंचे और छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया और उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
रात करीब 9 बजे तक विश्वविद्यालय का कोई जिम्मेदार अधिकारी छात्रों से बातचीत करने मौके पर नहीं पहुंचा था। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि फिलहाल छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने के बाद ही प्रशासन और छात्रों के बीच वार्ता कराई जाएगी। देर रात तक विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और बड़ी संख्या में छात्र धरने पर डटे रहे।